• February 1, 2024

सीबीडीटी ने जारी किए आईटीआर-2 और आईटीआर-3 फॉर्म, जानिए किन्हें भरने होंगे ये फॉर्म 

सीबीडीटी ने जारी किए आईटीआर-2 और आईटीआर-3 फॉर्म, जानिए किन्हें भरने होंगे ये फॉर्म 
Share

Income Tax Return: सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने इनकम टैक्स रिटर्न के लिए नए फॉर्म जारी किए हैं. इसके लिए सीबीडीटी ने ई-गजट में नोटिफिकेशन भी जारी किया है. आईटीआर-2 (ITR-2) फॉर्म उन लोगों को भरना होगा, जिन्हें कैपिटल गेन्स इनकम हुई है और वह आईटीआर-1 फॉर्म नहीं भर पाए. इसके अलावा आईटीआर-3 (ITR-3) फॉर्म उनको भरना होगा, जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से आय हुई है. इन दोनों फॉर्म को भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2024 तय की गई है. यदि टैक्सपेयर को इनकम टैक्स ऑडिट कराना है और उसे बिजनेस से आय हुई है तो आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर, 2024 रहेगी.

इन लोगों के लिए होगा आईटीआर फॉर्म-2

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट के अनुसार, आईटीआर-1 फॉर्म न भरने वाले व्यक्तियों या हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (HUF) को आईटीआर-2 भरना होगा. ऐसे व्यक्ति या एचयूएफ, जिनके पास बिजनेस या प्रोफेशन के लाभ और लाभ से होने वाली आय नहीं है. साथ ही उन्हें किसी पार्टनरशिप फर्म से ब्याज, वेतन, बोनस या कमीशन के नाम पर कोई लाभ और उससे होने वाली आय मिली हो. साथ ही किसी अन्य व्यक्ति जैसे पति/पत्नी, नाबालिग बच्चे आदि की आय को यदि उनकी इनकम के साथ जोड़ा जाए तो ऐसे लोगों को आईटीआर-2 भरना होगा. 

जोड़े गए हैं कुछ नए नियम 

नए नियमों के मुताबिक, आईटीआर-2 फॉर्म भरने के लिए लीगल एंटिटी आइडेंटिफायर (LEI) का विवरण देना होगा. एलईआई एक 20 अंकों का यूनिक कोड होता है. यह ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में आपकी पहचान कर सकता है. साथ ही किसी राजनीतिक दल को दिए गए चंदे का पूरा विवरण और विकलांग व्यक्ति के मेडिकल ट्रीटमेंट में हुए खर्च का विवरण भी को ऑडिट में दिखाना पड़ेगा. इसके बाद टैक्स ऑडिट कराने के लिए व्यक्ति या एचयूएफ भी ईवीसी के साथ आईटीआर को सत्यापित कर सकते हैं. 

इन दस्तावेज की पड़ेगी जरूरत 

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट के अनुसार, आईटीआर-2 भरने के लिए नौकरीपेशा लोगों को फॉर्म 16ए (16A) की जरूरत पड़ेगी. यदि उन्होंने एफडी या सेविंग्स अकाउंट पर मिले ब्याज पर टीडीएस भरा है तो उसका सर्टिफिकेट देना होगा. इसके अलावा फॉर्म 26एएस (26AS) भी देना होगा. रेंट की रसीदें, शेयर या सिक्योरिटीज से हुए कैपिटल गेन्स पर प्रॉफिट/लॉस स्टेटमेंट की भी जरूरत पड़ेगी. साथ ही प्रॉपर्टी से मिले रेंट का ब्यौरा और हानि होने पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ेंगे.

इन्हें भरना होगा आईटीआर फॉर्म-3 

वेबसाइट के अनुसार यदि किसी व्यक्ति या एचयूएफ को बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम हुई है और वह आईटीआर-1, 2 और 4 फॉर्म भरने के योग्य नहीं है तो उसे आईटीआर-3 फॉर्म भरना होगा. 

ये भी पढ़ें 

Paytm Payments Bank: आरबीआई की कार्रवाई बाद पेटीएम फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने दी सफाई, बोले – सेंट्रल बैंक के हर आदेश का करेंगे पालन



Source


Share

Related post

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में नए युग की शुरुआत, SEBI लाया ‘लाइफ साइकिल फंड्स’, जानें फायदे

Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में नए युग की…

Share SEBI introduces Life Cycle Funds: भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा…
चंडीगढ़ से दिल्ली-NCR तक CBI ने लगाई रेड, 661 करोड़ रुपये की हेराफेरी पर आज की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ से दिल्ली-NCR तक CBI ने लगाई रेड,…

Share Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom सीबीआई ने 661 करोड़ के सरकारी…
राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी का हंटर, कथित वित्तीय हेरफेर के बाद 5% के लोअर सर्किट पर लगा शेयर

राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी का हंटर, कथित वित्तीय…

Share Show Quick Read Key points generated by AI, verified by newsroom सेबी कार्रवाई: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर…